Feeds:
पोस्ट
टिप्पणियाँ

Archive for मई 13th, 2010

न्यायिक कार्य से छुट्टी पाने के बाद कुछ देर के लिए जज साहब का हमारे साथ बैठना हुआ। बातचीत के दौरान जज साहब बोले, ‘‘ मेरा एक मुसलमान दोस्त राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का कार्यकर्ता है।’’
मेरा संबंध उस लोकसभा क्षेत्र है जहां से किसी जमाने में सुभद्रा जोशी और अटल बिहारी बाजपेयी चुनाव लड़ा करते थे। सुभद्रा जोशी ने उस क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से संबंधित बहुत सारे साहित्य अपने क्षेत्र में वितरित किये और तत्समय का यह किशोर रूचिपूर्वक उस साहित्य को पढ़ता रहा। किसान इंटर कालेज, महोली, जिला सीतापुर में मैंने इंटरमीडिएट में जुलाई 1963 में दाखिला लिया, वहां मेरा एक दोस्त एक दिन खेलकूद और व्यायाम के लिए मुझे अपने साथ ले गया तब मुझे पता लगा कि वह व्यायाम और खेलकूद के लिए संघ शाखा लगाती है। दूसरे दिन मेरे मना करने से पहले मेरे दोस्त ने मुझे खुद शाखा में जाने से यह कहकर मना कर दिया कि शाखा संचालक को मेरे वहां जाने पर आपत्ति थी। आगे शिक्षा ग्रहण के दौरान मैंने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के बारे में सुनकर और पढ़कर बहुत कुछ जाना समझा।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ एक ऐसा संगठन है जिसके सामने हमेशा एक काल्पनिक दुश्मन रहता है, बिना दुश्मन की कल्पना किये संघ अपने कार्यकर्ताओं को शिक्षण और प्रशिक्षण नहीं दे सकता। शाखा में व्यायाम खेलकूद के साथ-साथ लाठी-डण्डा भी चलाना सिखाया जाता रहा है और अब आधुनिक युग में आधुनिक हथियारों की भी जानकारी दी जाती है। सिर्फ शाखा में ही नहीं बैठकों में भी मुसलमानों के खिलाफ ज़हर उगला जाता है। मुगल शासकों से लेकर आज के साधारण मुसलमानों तक के खिलाफ वहां बुद्धि का विकास किया जाता है। हिन्दू राष्ट्र कायम करने के लिए हर प्रयास किया जाता है और हर प्रयास करने की शिक्षा दी जाती है। मुसलमानों को पाकिस्तानी कहकर उन्हें देश से निकालने की बात की जाती है और कहा जाता है कि इस देश में रहने वाले मुसलमानों का हिन्दूकरण करना आवश्यक है। संघ की राजनीतिक औलाद भाजपा अपने अलावा हर पार्टी के खिलाफ मुसलमानों के तुष्टिकरण का इल्ज़ाम लगाती है, इसकी धार्मिक और सामाजिक औलादें हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए मुसलमानों के खिलाफ विषवमन करती रहती हैं। जहां पर मुस्लिम समाज के और मुसलमानों के खिलाफ सिर्फ और सिर्फ ज़हर उगला जाए वहां पर कोई मुसलमान रह सकता है यह सोचने का विषय है।

फिर भी सब कुछ जानने के बावजूद जज साहब बोले थे कि उनका एक दोस्त राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का कार्यकर्ता है और यह जानकारी उनको कैसे होती अगर वह खुद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ता न होते।

सोचिए और सोच कर बताइए!

मोहम्मद शुऐब एडवोकेट

loksangharsha.blogspot.com

Read Full Post »

सम्मानीय चिट्ठाकार बन्धुओं,

सादर प्रणाम,

आज दिनांक 12.05.2010 को परिकल्पना ब्लोगोत्सव-२०१० के अंतर्गत तेरहवें दिन प्रकाशित पोस्ट का लिंक-

………इमरोज़ का अर्थ जो हो , पर मेरी दृष्टि में इसका अर्थ है ‘प्यार’ : रश्मि प्रभा

http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_11.html

अंग्रेजी की तरह हिंदी ब्लोगिंग को भी अपनी पकड़ मजबूत बनानी होगी : अमरजीत कौर http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_12.html

लोग आरती उतारते हैं मैंने इक नज़्म उतारी है :अनिल ‘मासूम

http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_7002.html

पारुल पुखराज की तीन नज्में

http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_308.html

‘भगवान् ने एक इमरोज़ बनाकर सांचा ही तोड़ दिया : सरस्वती प्रसाद http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_12.html

शिखा वार्ष्णेय का संस्मरण : वेनिस की एक शाम

http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_6286.html

काश एक इमरोज मेरी भी ज़िन्दगी में होता……रानी मिश्रा

http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_5159.html

विनय प्रजापति ‘नज़र’ की नज्में

http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_5220.html

इमरोज़ – मोहब्बत औ जहाँ मोहब्बत वहाँ खुदा : प्रिया चित्रांशी

http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_9004.html

डा. श्याम गुप्त के गीत : प्रीति का एक दीपक जलाओ….

http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_3513.html

ऐसा एहसास ऐसी तपिश हर रोज हमारे घर आए :नवीन कुमार

http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_2271.html

निर्मला कपिला की कहानी :बेटियों की माँ

http://utsav.parikalpnaa.com/2010/03/blog-post_30.html

इमरोज़ …प्यार का स्तम्भ …मुहब्बत का मसीहा : वाणी शर्मा

http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_4304.html

ललित शर्मा की पेंटिंग गैलरी

http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_3233.html

हमें गर्व है हिंदी के इस प्रहरी पर

http://shabd.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_12.html

utsav.parikalpnaa.com

अंतरजाल पर परिकल्पना के श्री रविन्द्र प्रभात द्वारा आयोजित ब्लॉग उत्सव 2010 लिंक आप लोगों की सेवा में प्रेषित हैं।

-सुमन
loksangharsha.blogspot.com

Read Full Post »