Feeds:
पोस्ट
टिप्पणियाँ

Archive for अगस्त 1st, 2010


ज्यादा नहीं इधर सिर्फ दो महीने के पिछले अखबार उठा कर गौर से देख जाइये, आपको दो चार नहीं, दस-बीस नहीं सैकड़ों बड़े-बड़े घोटालों के मामले नजर आयेंगे, ये सभी उच्च स्तरीय मंत्रियो अधिकारीयों से सम्बंधित हैं। लाखों करोडो की रिश्वतें ली या दी जा रही हैं। 165 ऐसे बड़े अधिकारियो के खिलाफ तो सी.बी.आई ने चार्जशीट भी तैयार कर ली, परन्तु सरकारें ऐसी फाइलों पर कुंडली मारे बैठी हैं तथा अदालतों में केसों को दाखिल करने की अनुमति नहीं दे रही है।
इन तमाम विफलताओं के बीच केन्द्रीय सतर्कता आयोग अब सतर्क हुआ है तथा वह एक ‘राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक रणनीति’ का प्रारूप बना रहा है। इस रणनीति के अंतर्गत अब सभी बड़े छोटे अधिकारियो की जिम्मेदारी तय कर दी जायेगी ताकि वे एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल कर अपना दामन न बचा सकें। फिलहाल केंद्र एवं राज्यों की भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसियों के बीच तालमेल की भी बहुत कमी है, इसको भी दूर किया जायेगा।
जब कभी अपराध बढ़ते हैं, नियम कानून सख्त बनाने की बातें होने लगती हैं। आबकारी नारकोटिक्स खाद्य अपमिश्रण या आतंकवाद के मामलों में बार बार नियम अधिनियम सख्त किये गए, सजाएं बढ़ा दी गयीं परन्तु क्या इनमें कोई कमी आई ? बात प्रावधानों की नहीं है, बात क्रियान्वयन की है। जब तक सरकारों में राजनैतिक साहस नहीं आता, ये सब ऐसे ही चलता रहेगा।
देखने में आ रहा है कि पढ़े लिखे लोग अपराध में आगे बढे हैं। विद्या तो रौशनी के लिए होती है, ऐसे विद्या किस काम की जो दिमाग में अँधेरा भर दे, लूटने की कला सिखा दे मानवता से विमुख कर दे, ऐसे ही आदमी पर ग़ालिब ने आश्चर्य की मुद्रा में दुःख प्रकट किया था-
आदमी को भी मयस्सर नहीं इनसां होना।

डॉक्टर एस.एम हैदर

Read Full Post »


वर्ष के श्रेष्ठ युवा गीतकार का सम्मान

एक ऐसा युवा चिट्ठाकार जो सुमधुर गीतकार भी है और उसके गीत के लफ्ज बांचने वाले का अहम् ही नहीं गलता अपितु वह गहरे संवेदनाओं में डूबने को मजबूर भी हो जाता है !
जिनके शब्द भावना की भूमि पर प्रतिभा के अभिनव अंकुर का संकल्पित प्रस्फुटन है और छंद अलग-अलग आयामों में जीवन के विराट वैविध्य की कलात्मक प्रस्तुतियां !
जिनकी प्रवाहशीलता के साथ-साथ अर्थ व्यंजनायें व्यापक प्रभामंडल को विस्तारित करने में समर्थ होती है वहीं गीतात्मकता पाठकों को बरबस आकर्षित !
जानते हैं कौन हैं वो ?
वो हैं रविकांत पाण्डेय
जिन्हें ब्लोगोत्सव की टीम ने वर्ष के श्रेष्ठ युवा गीतकार का खिताब देते हुए सम्मानित करने का निर्णय लिया है!

//

वर्ष के श्रेष्ठ युवा कवि का सम्मान

एक ऐसा कवि/चिट्ठाकार जिसने महज डेढ़ वर्षों की चिट्ठाकारी में वह मुकाम प्राप्त करने में सफल हुआ जो मुकाम शायद हीं किसी को अबतक प्राप्त हुआ हो .

एक ऐसा कवि जिसकी कविता की आग जलाती नहीं वल्कि कलुषित परिवेश की कालिमा जलाकर उसके बदले एक खुशहाली से भरे विहान की ललक में ही आग जगाती है !

एक ऐसा कवि जिसकी साहित्यिक साधना पाठकों के सिने में दबी आग को बाहर ही नहीं निकालते वल्कि उन्हें आंदोलित भी करती है !
जानते हैं कौन है वो ?
वो हैं ओम आर्य

जिन्हें ब्लोगोत्सव की टीम ने वर्ष का श्रेष्ठ युवा कवि का खिताब देते हुए सम्मानित करने का निर्णय लिया है !
suman

Read Full Post »