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Archive for नवम्बर 11th, 2010



जन्म से पहले मौत क्यूँ ?
माँ मुझे इस दुनिया में आने दे
लड़की हूँ, या लड़का
जन्म तो लेने दे मुझे
क्यूँ समझती हो मुझे
जिन्दगी का अंधेरा
मैं बनूंगी तेरी,
प्यारी बिटिया !!
जिन्दगी के हर पल,
हर लम्हें ,धूप छाँव में!!
दूँगी मैं तुम्हारा साथ !!
जब झटक देगा कोई तेरा हाथ,
तब मैं रहूंगी तेरे आस पास !!
मां ने सिसकते हुए कहा ,
बिटिया रानी ,
मुझे है तुमसे बहुत प्यार!!
कोन सुनेगा तेरी यह पुकार!!
मैं भी एक नारी हूँ ,
समाज ने दिए अनेकों दुःख !!
लड़की होना ही है समाज
के लिए अभिशाप
तभी तो करा दिया
जाता है गर्भपात!!
गाज़र ,मूली की तरह
आने से पहले ही काट देते
हैं यह लोग !!
एक मौन चीख के साथ
तुझे देते हैं मौत !!
यह पढ़ा लिखा है समाज
या है हैवानों का समाज !!
एक तरफ़ पूजता हैं देवी की तरह
दूसरी तरफ देते हैं तुझे मौत ……………….

– ज्योति डांग
लुधियाना

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